ढोंगी बाबाओं से सावधान

इन दिनों रायपुर में अनेकों ढोंगी बाबा सक्रिय हैं जिनका मकसद किसी भी तरह से ठगी कर पैसा कमाना है ये लोग धर्म की आड़ लेकर धंधा करते हैं कुछ ढोंगी बाबाओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस एफ़.आई.आर. कर चुकी है और कई जेल की हवा खा चुके हैं हमारे देश के नागरिकों के सभी समस्याओं का समाधान संविधान में है इसलिए ऐसे ठगी और पाखंडी बाबाओं से बचने की आवश्यकता है जो नागरिकों के समस्या का समाधान का झूठा आश्वासन देकर धन हडप लेते हैं कुछ पाखंडी बाबाओं द्वारा दान देने की महिमा का वर्णन कर सभी समस्या का समाधान दान करने  में बताया गया है जबकि ऐसा नहीं है दान देने का पुण्य योग्य एवं पात्र लोगों को होता है अगर दान किसी चांडाल, पापी या धूर्त को दिया जाए तो इसका कोई लाभ नहीं है इसलिए दान हमेंशा पात्र एवं योग्य व्यक्ति को दिया जाना चाहिए,

 

वर्तमान भौतिक युग में दान अस्पतालों, स्कूलों, गरीबों, लाचार, बाढ़ पीड़ित, सुखा पीड़ित, नदी, कुआं व तालाब खोदवाने एवं बेबस लोगों को दिया जाना चाहिए, जैसे कि हमने देखा की राजनांदगांव जिले के सरकारी मेडिकल कालेज के एप्रोच रोड के लिए एक नागरिक ने अपने रोड से लगे करोड़ों रूपये की जमीन छत्तीसगढ़ शासन को दान में दी है ऐसे लोगों को निश्चित ही कोटि-कोटि पुण्य मिलता है तथा ये दान अश्वमेघ यज्ञ करने के बराबर है पर कुछ पेटमान्दुर, धूर्त, पाखंडी, ठग और जालसाज लोगों के द्वारा दान की गलत व्याख्या कर ठगी किया जाता है जो कि महापाप है कुछ दिनों पूर्व एक नागरिक ने जिसके पास जनता के टैक्स के पैसे को गबन करने का चर्चा रहता है तथा विभिन्न घोटालों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ रूपये के आसामी बन बैठे हैं अपने भ्रष्ट आचरण को छिपाने के लिए रायपुर में लगभग 5 करोड़ रूपये खर्च कर एक धार्मिक आयोजन किया गया इस धार्मिक आयोजन का मकसद राम कथा सुनाकर वोट प्राप्ति करना है तथा अपने आप को धार्मिक साबित कर सत्ता हासिल करना है

 

भगवान श्री रामचंद्र जी ने सत्ता का त्याग कर भ्रष्टाचारी एवं पापी रावण का वध किया था पर ये नागरिक सोचता होगा कि छत्तीसगढ़ के मतदाता मुर्ख है जो उसके इस कुटिल चाल को नहीं समझेंगे भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं. ऐसे ही नागरिकों के कारण फर्जी एवं ढोंगी बाबा पनपते हैं जिसका परिणाम बाद में राम-रहीम की तरह होता है राम-रहीम को भी इसी तरह का संरक्षण प्राप्त था, यह देखा जा रहा है कि कुछ पेटमान्दुर, धूर्त, पाखंडी, ठग और जालसाज लोगों के द्वारा धर्म का चोला पहनकर पूरे साज-सज्जा के साथ जिसमे डी.जे., हारमोनियम, तबला, ढोलक युक्त होकर  इवेंट मैनेजमेंट के तहत प्रस्तुतिकरण कर व्यापार किया जा रहा है, धर्म बिल्कुल नहीं कहता कि किसी गरीब से उसके समस्या निवारण के नाम पर दान ले लिया जाए और उस दान की राशि का उपयोग अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए करे, दुष्टों को दिए गए दान का कोई महत्त्व नहीं है बल्कि दुष्ट व्यक्ति के पास दान की राशि आने से वो अभिमानी हो जाता है और सभ्य समाज के लिए सरदर्द बन जाता है जैसे कि अनेक दुष्ट जो कि धर्म का धंधा करते थे अभी जेल में बंद हैं.   

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